Wanna know

September 26, 2021

Happy 39th dear Brother!


As if was yesterday when,

I held you like just mine,

Can't believe time flew by,

And, you turn thirty-nine!

 

You made all of us proud, 

In whatever came in line,

No matter what you achieved,

You stayed modest and benign!

 

You are a blessing to have,

And our bond is to enshrine!

I wish you, health, courage and,

Wisdom; that is divine!

 

May God shower you with

Everything and anything you wish,

And, may you carry the confidence

To always grow and shine! 

 


April 5, 2021

अकेला कैसे कर आया ?

जिस माँझी ने कश्ती मेरी कभी ना छोड़ी,

बीच भँवर उन्हें कैसे छोड़ आया? 

था खुद से वादा, रत्ती तकलीफ़ ना होने दूँगा, 

फिर दर्द में अकेला कैसे कर आया ? 


सीखा उन्हीं से अंत तक दृढता से लड़ना,

हार से पहले फिर कैसे हार मान आया?

उम्मीद भरी निगाहें, तरसी होंगी इंतज़ार में,

आख़िरी साँस, मेरी एक झलक की आस में।


निर्दयी नियति ने कैसा जाल बिछाया,

बांध बेड़ियाँ हालात से मजबूर बनाया

है बोझ दिल पे, कैसे करूँ खुद को माफ़ 

काँपती है रूह , धड़कने रुक जाएँ काश!


जाना है सभी को, अमर नहीं कोई,

पर यूँ ना हो किसी की अधूरी विदाई! 

एक बार जो वो वक्त लौटा दे मेरे देवता,

तस्सल्ली करूँ कि आख़िरी मुस्कुराहट दे पाया !

March 30, 2021

ज़रूरी है-

 



ज़रूरी है-

बाहर आ खुद से,अपने आप को देखना। 

देखते हुए दुनिया को, भीतर मन को टटोलना। 


मुस्कुराहट सच्ची है या है दर्द छुपाए?

सब भूल बैठे या, ज़िंदगी से हैं लम्हे चुराए?


टूटी ख़्वाईशों ने क्या दम तोड़ दिया?

या फिर उन ख़्वाबों ने नया मोड़ लिया?


मिला है क्या उद्देश्य जीने का? 

जाना सही किनारा इस सफ़ीने का? 


पाई है क्या सार्थक राह जीने की ?

या खोज ज़ारी है वजूद के मायने की?


ज़रूरी है-

बाहर आ खुद से, अपने आप को देखना। 

खुद को तलाशना, स्वयं को विलोकना!

November 10, 2020

कर दू तुझे रिहा?



मर्ज़ हूँ मैं या तेरी दवा 
कैद में मेरी, ए मेरे खुदा, 
दर्द में तेरे साथ रहूं 
या कर दू तुझे दिल से रिहा ?

रूह में मेरी बसा है तू 
जैसे इत्र में घुली फ़िज़ा !
जुदा होना देगा क्या सुकून,
या बन जाएगी एक सजा ?

जो भूल गई तुझे किसी दिन 
खुद से हो जाउंगी खफा !
तेरी ख़ुशी ही फिर भी होगी 
मेरी दुआओं में हर दफ़ा !

दर्द में तेरे साथ रहूं 
या कर दू तुझे दिल से रिहा